तेरी हर बात में है पोशीदा जज़बात
तेरे हर दिखावे में है कुछ बात
ऐ फ़रिश्ते तुझे भी इश्क़ है,
इस बात को ज़ाहिर किया तूने आज.
मासूम से तेरे जज़बात, ज़ाहिद का है साथ
ज़ाइद ५ असासों के साथ,
हुए हम तेरे तू है हमारे पास
फ़रिश्ते का जो मिला था हाथ
छूटा नहीं उसका साथ, फरिश्ता जब से हुआ है
आशिक़ हम पर, हुई हमारी मोहब्बत पाक.
हक़ ताला भी पाक, मेहबूब भी पाक
मेरा फरिश्ता कैसे होता नापाक
जब ३ मिले पाक तो हमको भी कर दिया पाक,
वोह ज़मीन भी पाक और यह ज़मीन भी पाक
जंग है मेरी पाक जिसमे फ़रिश्ते ने दिया साथ
वादा है तुम्हारा याद रहूंगा में मेरा एहलो अहयाल
तुम्हारी दुवाओं में सनम,
वादा निभाना जब तक जुबेर में जान है सनम
तुम भी हो उसी बाग़ की एक शाख़ सनम
तुम भी हो हमारी फेमिली का हिस्सा सनम
सहाफ़ी जुबेर