एक नूर रहे सदा तेरा निगहबान, ना हो तुझ से कोई परेशान
तुझे शिकस्त ना दे सके, इस से दुश्मन रहे पशेमान
सफ़ ए अव्वल में रहे तेरा नाम, हों पूरे तेरे सभी
अरमान।
मिल्लत करेगी तुझ पर नाज़
करेगा जो मेरे हक़ की बात पस वही है क़ौम का सालार
हुसन ए यूसुफ़ देख ज़ुलेख़ा को इश्क़ हो गया
मजाज़ की हक़ीक़त देख इश्क़ पाक हो गया
नूर भी पाक दीदार भी पाक जज़बात भी पाक मोहब्बत भी
पाक
शहवत भी पाक हर चीज़ वहाँ पाक
तू भी पाक में भी पाक जिस्म भी पाक रूह भी पाक
मिल्लत को है तुझ पर नाज़
हर चीज़ वहाँ पाक नापाकी से सभी हो गए पाक
मिल्लत की दुआ का असर है तू, दुश्मन के हसद से मरने
से रहा
१५ सेकंड वालों से कह दो ना करो साजिशें
जब तक उसका हुकुम ना होगा तू घायल होने से
रहा
में जलती हुई वोह शमा हूँ जो दुनियाँ को रोशन कर
रहा
हाथ रख किताब पर तेरे नाम से हल्फ़ ले रहा
सहाफ़ी ज़ुबेर
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