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19/01/2025

चोर डाकू की तरह

चोर डाकू की तरह रातों में घुसना है जिसकी फ़ितरत

मस्जिद या किसी के घर में घुसने की जाती नहीं उनकी आदत

डाकू बोल कर अपने साथी को बचाने की लंगूरों की हो गई है सिफ़त

 

अपने विश्वास को बचाने को ज़ाफ़रानी सहाफ़त की

शरीफ़ को मुजरिम बनाने की है पूरानी फ़ितरत

 

कोई माफ़ी मांग कर बुलबुल पर चढ़ गया

कोई माफ़ी मांग कर ज़लील हो गया

 

गले लग कर क़त्ल करने की है फ़ितरत जिन ग़द्दारों की

दूर रहो ऐसे चापलूसों से जिनकी फ़ितरत से ग़द्दारी की बू आती

 

गंगा जमुनी तहज़ीब की जिस ज़ुबान से करता था बात

उस ही ज़ुबान से करता है ज़हरीली फ़िर्क़ापरस्ती की बात

 

सहाफ़ी ज़ुबेर

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