आपके चेहरे में माहताब नज़र आता है,
चाँद में तो दाग़ है आपका चेहरा बेदाग़
नज़र आता है।
फूलों की रंगत गुलाबी हो गई
शायद यह आपके गुलाबी पेराहन का
असर नज़र आता है।
गुलाबी रंग से हो गई हमको भी मोहब्बत
जब आपके अंदर हमें गुलाबी रंग नज़र आता है।
ख़ुदा क़ायम रखे मुस्कान सदा आपके चेहरे पर
हमें तो आपके अंदर मोहब्बत का
सुरूर नज़र आता है।
शमा ने उठा रखी है सर पर आग क़सम उठाने को
शबनम का एक क़तरा भी काफी है आतिश बुझाने को
परवाने की मोहब्बत आग से, फ़िक्र नहीं उसे जल जाने को,
शमा ने नहीं रखा इलज़ाम खुद पर
बोल दिया बा ख़ुदा मेने नहीं जलाया परवाने को.
ख़ाकसारी को तुम ना छोड़ो गर खुदा देवे ऊरूज
माहे ताबा आसमाँ में पैरों तले है चांदनी
सहाफी जुबेर
کوئی تبصرے نہیں:
ایک تبصرہ شائع کریں