में तुझे कभी माफ़ ना करूंगा, हर आह को तेरे ही नाम करूंगा
तूने लाख जुदा कर ली अपनी राह, में तो ज़िन्दगी तेरे ही नाम पर वक़्फ़ करूँगा
में क्या करूँ उन यादों के लम्हों का
तेरे हमराह जो गुज़ारे थे कुछ पल
यादों की अमानत समझ दिल में संभाल कर रखूँगा
तेरी ज़ुल्फ़ों की वोह छावों, वोह तेरे कजरारे नेन
तेरी वोह दिलकश अदाएं जब जुदा हुई राहें, लूट लिया मेरा चैन
उन्हीं राहों पर हर दम तेरा रास्ता ताकता रहूँगा
४ ने किया अपना काम, २ की है और दरकार
६ के पास गए तो होगा पूरा काम
क़फ़स की ज़ंजीरों को तोड़ दिया तूने हुआ आज़ाद
ग़ुलामी की इन ज़ंजीरों को तोड़ दो तुम करो ६ की बात
टूट गया तेरा सबसे रिश्ता हुए जुदा सब मुख़्तार से
६ की हिकमत करो पूरी एक ज़मीन हो पाक से
बोहोत चली ज़ुल्म की शमशीर सर कुचल दो ज़हरीले नाग के
एक ही जगह से ६ आये कितने हुए हिंदुस्तान के
सहाफ़ी ज़ुबेर
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