तेरा मुक़ाम मेरे नज़दीक बोहोत आला है
तेरा दर्जा दिल में
बुलंद-ओ-बाला है
तेरे वोह सुख़न शीरीं
अलफ़ाज़
जुबेर सर" या कोई और बात याद आये हर बार"
क्या ख़ूब होता गर तेरा नाम भी आयेशा होता
मै तेरे नाम में उसका नाम
तेरी सूरत में माशूक का चेहरा देखता
सहाफ़ी ज़ुबेर
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