हर पल तेरी याद सताती है
तू ना आये तो क्या तेरी याद बोहोत आती है।
मोहब्बत है तुझसे ऐसी के
तेरी खुशबू फ़िज़ाओं में आती है
अहवाल तेरा पूछ लेता हूँ हवाओं से
तेरे घर का पता तेरी याद बता देती है
सितमगर फ़रामोश कर दी तूने मेरी मोहब्बत
तू रही बेवफ़ा बस तेरी याद ही वफ़ा सिखाती है
हर गली हर कूचे से जब गुज़रता हूँ
तू ना मिली तेरी याद ज़रूर मिल जाती है
है दुआ सदा सलामत रहे हुसन तेरा नाज़ो अदा के जलवे
आये जब भी याद तेरी
हम तुझको पुकारे
तू लाख करे फ़रामोश मेरी मोहब्बत
सच तो यह है हम तुझको पा कर ख़ुद को पहचाने
तू सितम पर सितम किये जा, लाख हमको भूलाये जा
पर तेरी याद तो आज भी हमारी है
सहाफ़ी ज़ुबेर
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