१९४७ के बाद भी भारत में बाबर महान हो गए
राम से बड़े हो कर तमाम हिंदुत्व के दिलों पर छा गए
क़ानून साज़ों ने भी कर दी ग़फ़लत, भारत के क़ानून
में भी छा गए
हर दौर ए जहाँ में रहा ज़ुबान पे इस्म बाबर
चाहे वोह राम वाला हो या अकबर
चाहे वोह मग़रिबी मुल्क हों या मशरिक़
कुफ़्र ने ख़ुद बना दिया बाबर का अफ़साना मस्जिद एक शहीद कर
क़ानून की किताबों में भी दर्ज हो गए नाम बाबर
राम के बराबर हो गए अब बाबर
एक बेजान मस्जिद हो गयी शिव और हनुमान से ऊपर
दबा कर रखा सदियों तक तुम्हारे भगवान को मस्जिद बना कर
तुम्हारी साजिशें बदनाम कर गई तुमको हिन्दू राष्ट्र हो कर
अपने क़ानून को कर फ़रामोश करते रहे लंगूर ज़िक्र नामा बाबर
हर ज़ालिम के दिल में आज भी सिहरन और ख़ौफ़ पैदा कर रहे बाबर
तमाम भारतीय कहते रहे मेरा भारत महान
जब एक झूठ फ़रेब की बुनयाद पर दिया ग़लत फ़ैसला
तुम्हारे भारत, क़ानून और एवान से भी महान हो गए बाबर
नाइंसाफ़ी हुई नाम बाबर और बाबरी के साथ
डाकाज़नी को जाइज़ दिया क़रार
अब मज़लूम बन बाबर और बाबरी
क़ानून राम और भारत से ऊपर हो गए
तुम्हारी नश्तर परस्ती ने परेशान किया बोहोत क़ल्ब ए मोमीन
अब हर जगह नश्तर हमारा होगा
अपने दिलों को संभाल कर रखो ज़ालिमों
अब हर वार हमारा होगा
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