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25/01/2026

मुर्गी का चूज़ा

 तेरे हसद का नहीं कोई इलाज 

मुझे बर्बाद करने की ज़िद्द में 

हो गया तू खुद बर्बाद 


तू लाख परेशां कर, मुझे खुश देख कर

तुझे आता है जलाल, तभी करता है बेहूदा सवाल 


हमारा खुदा पर यक़ीन हर हाल में

 अल्हम्दो लिल्लाह कर रहे तुझे परेशांन 


मुर्गी का चूज़ा बोहोत उछल कूद करता 

सबसे अलग अकेला ही चलता 

आसमान से बाज़ उस अलबेले 

चूज़े का ही शिकार करता 


मस्जिद में घुस के मारेगें भेज देंगें पाकिस्तान 

जो ऐसी बात करता अपनी कमज़ोरी 

को ताक़त ज़ाहिर करता 


हिन्द में तुझे बर्बाद करने को काफी है 

तेरा मुस्लमान होना 

मस्जिद मदरसा अज़ान थूक ज़मीन तालीम 

लव जिहाद तो है एक बहाना 


दुशमन की शाकिस्त के लिए काफ़ी है 

तेरा हर हाल में ख़ुश ख़ुर्रम शुक्र इलाही बजा लाना 


जैसी मुर्गी वैसा चूज़ा हर सिफ़त माँ की लेता 

अंडे से निकला नहीं और चूँ चूँ करता 


बड़ी बात करना कोई इनसे सीखे 

५ सेकंड में अंडे से निकले 

याद रहेगें दोनों को १५ के झटके 


सहाफ़ी ज़ुबेर

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